अमल कुमार - जानें बसंत पंचमी का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्त्व
- By
- Amal Kumar
- January-30-2020
शास्त्रों में वर्णित है कि जैसे ही देवी ने वीणा का नाद किया, वैसे ही पृथ्वी पर प्रफुल्लता का प्रसार हो गया, वेद ऋचाओं से पृथ्वी गूंज उठी, पुष्प खिल उठे और मधुर व स्वच्छ वायु से पृथ्वी पर पर्वों का वातावरण व्याप्त हो गया. पृथ्वी पर सरसता का वातावरण विस्तृत होने के चलते ऋषियों ने इन देवी को सरस्वती देवी का नाम दिया और तभी से इनके प्राकट्य दिवस के रूप में यह दिन बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है.
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